डॉ राजेन्द्र प्रसाद पर निबंध (300 & 500 words) – Essay on Dr.Rajendra Prasad in Hindi

डॉ राजेन्द्र प्रसाद पर बहुत सुन्दर और प्यारा निबंध । इस से अच्छा डॉ राजेन्द्र प्रसाद पर निबंध आपको कही नहीं मिलेंगे। Essay on Dr. Rajendra Prasad in Hindi (Simple and Attractive). आज हम डॉ राजेन्द्र प्रसाद पर एक प्यारा और आकर्षक निबंध लिखेंगे। 

डॉ राजेन्द्र प्रसाद पर निबंध  – Essay on Dr.Rajendra Prasad in Hindi

परिचय : डॉ राजेन्द्र प्रसाद भारत के प्रथम राष्ट्रपति थे। वे लगभग 10 वर्षों तक इस पद पर बने रहे। उनकी सेवाएं अमूल्य है। 

जन्मा और  शिक्षा : राजेन्द्र प्रसाद का जन्म 3 दिसंबर, 1884 ईसवी में बिहार राज्य के सारण जिले के जीरादेई नामक गांव में हुआ था। राजेंद्र बाबू ने कोलकाता विश्वविधालय से प्रथम श्रेणी में एंट्रेंस परीक्षा पास की। इस परीक्षा में उन्हें सबसे अधिक नंबर मिले। 

1906 इसवी में उन्होंने M.A  एवं उसके बाद M.L की परीक्षाएं पास की। राजेन्द्र बाबू सभी परीक्षाओं में सर्वप्रथम आते रहे। उन्होंने पहले कोलकाता हाई कोर्ट में, फिर पटना हाईकोर्ट में वकालत शुरू की। इनकी वकालत चमक उठी एवं इससे उन्हें अच्छी आमदनी होने लगे। 

सेवाएं : महापुरुषों का तो जन्म अपने लिए नहीं हुआ करता है। वह तो किसी बड़े काम को पूरा करके ही दम लेते हैं। 1917 ईस्वी में राजेन्द्र बाबू की भेंट गाँधी जी से हुई और वे उनके शिष्य बन गए। उन्होंने चमचमाती वकालत को लात मार दी और देश सेवा का व्रत लिया। वह राजनीतिक आंदोलन और असहयोग आंदोलन में भाग लेने के कारण कई बार जेल भी गए। उन्हें अनगिनत बार पुलिस की लाठी खानी पड़ी एवं अपमानित होना पड़ा। 1947 में जब भारत स्वतंत्र हुआ तब राजेन्द्र बाबू पहले खाध मंत्री और फिर भारत के प्रथम राष्ट्रपति बने। 

मृत्यु : 18 फरवरी 1963 ईस्वी को यह महापुरुष सदा के लिए इस संसार से विदा हो गए। 

उपसंहार : राजेन्द्र बाबू सादा जीवन और उच्च विचार के जीते जागता उदाहरण थे। सादगी और सच्चाई के वे जीते जागते अवतार थे। वे गांधीजी के अनुयायियों में प्रथम थे। दुख की बात है कि गांधी और जवाहर की तरह वह भी हमारे बीच नहीं रहे। हमारा राष्ट्र हमेशा आपको प्रथम राष्ट्रपति के रूप में याद करता रहेगा। 

हम उम्मीद करते है की डॉ राजेन्द्र प्रसाद पर निबंध आपको पसंद आये।

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