दुर्गा पूजा पर निबंध (300 & 500 words) – Essay on Durga Puja in Hindi

दुर्गा पूजा पर बहुत सुन्दर और प्यारा निबंध । इस से अच्छा दुर्गा पूजा पर निबंध आपको कही नहीं मिलेंगे। Essay on Durga Puja in Hindi (Simple and Attractive). आज हम दुर्गा पूजा पर एक प्यारा और आकर्षक निबंध लिखेंगे। हम उम्मीद करते है की दुर्गा पूजा पर निबंध आपको पसंद आये।

दुर्गा पूजा पर निबंध – Essay on Durga Puja in Hindi

भूमिका : दुर्गा पूजा हिंदुओं का सर्वश्रेष्ठ त्यौहार है। खासकर पश्चिम बंगाल में दुर्गा पूजा का विशेष महत्व है। भारत के अन्य प्रांतों में यह पर्व दशमी या दशहरा के नाम से मनाया जाता है। ऐसा समझा जाता है कि देवताओं ने दानवों पर और भगवान राम ने रावण पर विजय प्राप्त करने के लिए मां दुर्गा की आराधना की थी। 

मूर्ति का वर्णन : दुर्गा उत्सव एक मूर्ति पूजा है। दुर्गा की मूर्ति के 10 भुजाएं होती है जिनमें भिन्न-भिन्न अस्त्र होते हैं। उनकी दाहिना पैर एक सिंह पर रहता है और बाया पैर एक राक्षस के ऊपर रहता है जिसे महिषासुर कहते हैं। दुर्गा जी राक्षस के कलेजे में भाला भोक्ती है। राक्षस की दाईं भुजा सिंह के मुंह में रहती है। देवी लक्ष्मी दुर्गा की  दाहिनी तरफ बैठती है। बाए तरफ सरस्वती बैठती है। लक्ष्मी की दाई और एक चूहे पर गणेश बैठते हैं और सरस्वती के बायीं और मोर पर कार्तिक बैठते हैं। 

समय : आशिवन के शुक्ल पक्ष की षष्ठी से पूजा शुरू होती है। सप्तमी, अष्टमी एवं नवमी को पूजा बड़ी धूम-धाम से मनाई जाती है। दशमी के दिन प्रतिमा विसर्जन किसी नदी में किया जाता है। इस दिन पटाखे और बिजली की रोशनी से एक अजीब सा समा बन जाता है। 

उपसंहार : विजयदशमी के दिन लोग एक दूसरे से राग-द्वेष बुलकर प्रेम से गले मिलते हैं एवं अबीर गुलाल एक दूसरे पर लगाते हैं। 

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