हाथी पर निबंध – Essay on Elephant in Hindi (300 & 500 Words )

हाथी पर निबंध – Essay on Elephant in Hindi
हाथी पर निबंध – Essay on Elephant in Hindi

हाथी पर बहुत सुन्दर और प्यारा निबंध । इस से अच्छा हाथी पर निबंध आपको कही नहीं मिलेंगे। Essay on Elephant in Hindi (Simple and Attractive ). आज हम हाथी पर एक प्यारा और आकर्षक निबंध पढ़ेंगे । हम उम्मीद करते है की यह निबंध आपको पसंद आये और भी निबंध के लिए हम से जुड़े रहे।

हाथी पर निबंध – Essay on Elephant in Hindi

परिचय : हाथी एक विशालकाय पशु है। इसके पैर लंबे और मोटे होते हैं और देखने में खंबे की तरह मालूम पड़ता है। इसके दोनों कान सूप जैसे बड़े होते हैं। इसका मस्तिक गोल और कंधे से करीब आधा हाथ ऊंचा उठा रहता है। अपनी सूँड से यह नाक और हाथ का काम लेता है। सूँड के दोनों ओर बगल में दो लुभावने दांत होते हैं। इसके चमड़ा बहुत मोटी और काला होता है। 

स्वभाव : हाथी शांत और समझदार पशु है। अपनी शक्ति का इसे तनिक भी घमंड नहीं है। कभी-कभी यह क्रुद्ध भी हो जाता है।  इसके सुनने और सूंघने की शक्ति बड़ी तेज होती है। यह अपने महावत को तुरंत पहचान लेता है। यह महावत के इशारे पर चलना बैठना एवं उठना सीखता है। यह संगीत और खुशबू पसंद करता है। यह सूँड से राह चलते समय धूल अपने मस्तक पर फेकता रहता है। पानी इसके लिए प्रिय है। हाथी अपनी सूँड से पानी खींचता है और अपने शरीर परछिड़कता है। 

भोजन : यह पीपल, बरगद आदि पेड़ों की टहनियां, केले के पौधे तथा गन्ना आदि को बड़े चाव से खाते हैं। यहां मांस मछली कभी नहीं खाता इसके अलावा यह घास पतिया, चना, चावल आदि भी खाता है। 

प्राप्ति स्थान : यह भारत, मयमार, पूर्वी दीप समूह श्रीलंका तथा अफ्रीका के घने जंगलों में पाए जाते हैं। 

संयोगिता : हाथी सवारी के काम में आता है। बड़े-बड़े रईस और धनी आदमी इसे अपने दरवाजे की शोभा बढ़ाने के लिए रखते है। पुराने जमाने में इस पर चढ़कर सैनिक युद्ध किया करते थे। शिकारी इस पर बैठकर बाघ का शिकार करते हैं। प्राचीन काल में लड़ाई में भारी भारी तोपों को खींचने और सामान ढोने में इसका प्रयोग किया जाता था।

यह सर्कस में तरह तरह के खेल दिखाता है। हाथी जंगलों में लकड़िया के भारी-भारी कुंडो को अपना सूँड से उठाकर एक स्थान से दूसरे स्थान पर ले जाती है। इसकी हड्डियों और दातों से अनेक प्रकार की उपयोगी चीज बनाई जाती है। 1982 ईस्वी में भारत में आयोजित एशियाई खेलों में अप्पू नमक हाथी के शावक को राष्ट्रीय प्रतीक के रूप में व्यतीत किया गया। 

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