घोड़ा पर निबंध – Essay on Horse in Hindi (300 & 500 words)

घोड़ा पर निबंध - Essay on Horse in Hindi
घोड़ा पर निबंध - Essay on Horse in Hindi

घोड़ा पर बहुत सुन्दर और प्यारा निबंध । इस से अच्छा घोड़ा पर निबंध आपको कही नहीं मिलेंगे। Essay on Horse in Hindi (Simple and Attractive ).

घोड़ा पर निबंध – Essay on Horse in Hindi

परिचय : घोड़ा एक पालतू चौपाया जानवर है। घोड़ा तृणभोजी औरस्तनपायी प्राणी है। इसका मुंह लंबा होता है। यह बहुत मजबूत पशु होता है। इसकी चाल बड़ी तेज होती है। 

आकार : घोड़ा के चार पैर, दो कान, दो आँख और एक पूँछ होती है। इसका खुरा फटा नहीं होता है। इसकी आंखें बड़ी और चमकीली होती है। उसके पैर पतले लेकिन मजबूत होते हैं। इसके सींघ नहीं होते है। घोड़ा के गर्दन पर लंबे लंबे केश होते हैं जिन्हें आयल कहते हैं। यह सफेद, काला, चितकबरा और मटमैला आदि कई रंगों के होते हैं। अरबी घोड़ा बहुत ही सुंदर होता है। 

स्वाभाव : घोड़े शान्त, समझदार और स्वामी भक्त होते हैं। यह खड़े-खड़े सो लेता है। यह दूसरे घोड़े को देखते ही हिनहिनाने लगता है। जंगली घोड़े झुण्ड में रहना पसंद करते हैं। 

भोजन : घोड़ा घास-पात, चना, जाई, बाजरा, गेहूं, जौ, रोटी आदि खाता है। जाना है इसका प्रिय भोजन है। यह सत्तू का गोल बड़े चाव से पीता है। शाम सवेरे इसके गले में चने से भरे झोली लटका दी जाती है। 

प्राप्ति स्थान : घोड़ा एशिया तथा अफ्रीका महादेश में अधिक पाए जाते हैं। अरब, ईरान, म्यांमार , इंग्लैंड आदि देशों के घोड़े प्रसिद्ध है। अरब की घोड़े उनमें सबसे ज्यादा प्रसिद्ध होते हैं। 

उपयोगिता : घोड़े बग्गी और तांगा आदि खींचते हैं। सर्कस में यह खेल भी दिखाते हैं। रूस में इनसे हल खींचने का काम किया जाता है। इनके रोवो से गद्दी बनती है। बालों से पाव -पोश बनता है। इसके खुर से गोंद बनाई जाती है। इसके लीड से दवा के काम आती है। घोड़े पर बैठकर पोलो खेल खेला जाता है। सेना में भी घोड़ों का उपयोग सैनिक करते हैं। इसके हड्डी से बेंट और कंघी वस्तु बनाई जाती है। बहुत से आदमी इनके नाखून को मडवा कर अपने बच्चों को पहनाते हैं ताकि उनपर किसी की नजर ना लगे। घोड़ों की नाल को शुभ मानकर लोग अपने घरों के चौखट पर लगाते हैं। 

उपसंहार : वस्तुतः घोड़ा अत्यंत उपयोगी जानवर है। इसका आज्ञाकारी स्वाभाव पशुओं के लिए इर्षा का विषय है। 

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