स्वतंत्रता दिवस (15 अगस्त) पर निबंध (300 & 500 words)-Essay on Independence Day

स्वतंत्रता दिवस (15 अगस्त) पर निबंध -Essay on Independence Day
स्वतंत्रता दिवस (15 अगस्त) पर निबंध -Essay on Independence Day

स्वतंत्रता दिवस पर बहुत सुन्दर और प्यारा निबंध । इस से अच्छा 15 अगस्त पर निबंध आपको कही नहीं मिलेंगे। Essay on Independence Day in Hindi (Simple and Attractive). आज हम स्वतंत्रता दिवस पर एक प्यारा और आकर्षक निबंध लिखेंगे। हम उम्मीद करते है की स्वतंत्रता दिवस पर निबंध आपको पसंद आये।

स्वतंत्रता दिवस (15 अगस्त) पर निबंध -Essay on Independence Day

भूमिका : स्वतंत्रता दिवस हमारे देश की आजादी का एक शुभ दिन है। यह दिन 15 अगस्त का है। यह हमारे देश के इतिहास का एक पवित्र पर्व है। यह सारे भारत का राष्ट्रीय त्यौहार है। इसी दिन हमारे देश अंग्रेजों की गुलामी से आजाद हुआ था। अब हर भारतीय गुलामी की जीवन छोड़ विकास के मार्ग पर दुनिया के साथ कदम मिला रहा है। 

महत्व : सबसे पहले 1850 ईसवी में हमने आजादी की पहली लड़ाई छेड़ी थी लेकिन उस समय हम में मेल नहीं थी इसलिए हम लोगों सफल नहीं हुए। देश की आजादी के लिए सरदार भगत सिंह को फांसी दी गई और ना जाने कितने नवयुवकों को प्राण गंवाने पड़े। अंत में महात्मा गांधी ने देश को आजाद कराया। 15 अगस्त 1947 ईस्वी को अंग्रेजों ने देश को पूरी तरह आजाद कर दिया। तब से हमारे देश पर अपने देशवासियों का शासन होने लगा। उसी आजादी का याद में हम प्रतिवर्ष स्वतंत्र दिवस मनाते हैं। 

तैयारी : 15 अगस्त की सुबह प्रभात-फेरी होती है। भारत माता की जय, गाँधी जी की जय और 15 अगस्त जिंदाबाद के नारों से आकाश गूंज उठता है। सभी सरकारी कार्यालयों स्कूलों और कॉलेजों में प्रति 8:00 बजे तक झंडा फहराया जाता है। उस दिन दिल्ली के लाल किले पर प्रधानमंत्री झंडा फहरा कर देश को जनता को संबोधित करते हैं। प्रधानमंत्री के भाषण समाप्त होने पर राष्ट्रीय गीत गाया जाता है।

आकाश में शांति के प्रतीक सफेद कबूतर उड़ाए जाते हैं। उस दिन सभी स्कूल कॉलेजों में राष्ट्रीय झंडा को बड़े सम्मान के साथ फहराने के साथ राष्ट्रीय गीत गाया जाता है। बच्चों को मिठाइयां बांटी जाती है। इस दिन सभी लोग अपने भेदभाव भुलाकर एक-दूसरे से गले मिलते हैं। क्या हिंदू, क्या मुसलमान, क्या सिक्ख, क्या फारसी सभी लोग पूरे उत्साह से स्वतंत्रता दिवस मनाते हैं। 

उपसंहार : जिस स्वतंत्रता को हमने रक्त की होली खेल कर पाया है उसकी रक्षा करना हमारा अहम कर्तव्य है। 

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