मुहर्रम पर निबंध (300 & 500 words) – Essay on Muharram in Hindi

मुहर्रम पर निबंध – Essay on Muharram in Hindi
मुहर्रम पर निबंध – Essay on Muharram in Hindi

मुहर्रम पर बहुत सुन्दर और प्यारा निबंध । इस से अच्छा मुहर्रम पर निबंध आपको कही नहीं मिलेंगे। Essay on Muhrram in Hindi (Simple and Attractive). आज हम मुहर्रम पर एक प्यारा और आकर्षक निबंध लिखेंगे। हम उम्मीद करते है की मुहर्रम पर निबंध आपको पसंद आये।

मुहर्रम पर निबंध – Essay on Muharram in Hindi

परिचय : मुहर्रम मुसलमानों का पर्व है।यह एक दुःखद घटना की पावन स्मृति है। 

पर्व का इतिहास : हजरत मोहम्मद की मृत्यु के बाद उनके प्रिय शिष्या अबूबकर इस्लाम धर्म के प्रधान नेता (खलीफा) हुए। अबूबकर की मृत्यु के बाद अमर और उस्मान खलीफा हुए। अली चौथे खलीफा हुए। अली की मृत्यु के बाद हासन को खलीफा का पद मिला। हसन यदि जीवित रहेंगे तो खलीफा का पद अजीत को नहीं मिलेगा। यह सोचकर उनको जहर देकर हत्या कर दी गयी।

जिनके मरने के बाद उनके भाई हुसैन खलीफा चुने गए। उसने अजीत से युद्ध करना चाहा और धर्मपरायण मुसलमानों की मदद पाने के लिए सब परिवार मक्का चले गए। रास्ते में कर्बला प्रांत में अजीद की फौज ने उन्हें घेर लिया।रेगिस्तान की गर्मी और पानी के अभाव में हुसैन और उनके साथी अकाल मृत्यु को प्राप्त हुए। 

घटना का विवरण : मुहर्रम एक शोक पर्व है। अरबी पंचांग के अनुसार वर्ष का प्रथम महीना मोहर्रम का महीना होता है। 10 तारीख को यह शोक पर मनाया जाता है। पर्व के दिन हुसैन की समाधि कागज से बनाई जाती है। इसे ताजिया कहते हैं। ताजिया की शौक की यात्रा निकलती है। धर्मप्राण मुसलमान शौक से “हाय हुसैन ! ” हाय हुसैन ! कहकर अपना दुख को प्रकट करते हैं।

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