रक्षाबंधन पर निबंध (300 & 500 words) – Essay on Rakhsha Bandhan in Hindi

रक्षाबंधन पर बहुत सुन्दर और प्यारा निबंध । इस से अच्छा रक्षाबंधन पर निबंध आपको कही नहीं मिलेंगे। Essay on Rakhsha Bandhan in Hindi (Simple and Attractive). आज हम रक्षाबंधन पर एक प्यारा और आकर्षक निबंध लिखेंगे। हम उम्मीद करते है की रक्षाबंधन पर निबंध आपको पसंद आये।

रक्षाबंधन पर निबंध – Essay on Rakhsha Bandhan in Hindi

परिचय : भारत एक ऐसा देश है जहां भाई-बहन के पवित्र स्नेह का परिचायक पूर्व रक्षाबंधन मनाया जाता है। यह पर्व श्रावण पूर्णिमा के दिन हर्ष उल्लास के साथ मनाया जाता है। इस त्यौहार को श्रावणी भी कहा जाता है। इस दिन ब्राह्मण लोग नदी के किनारे जाते हैं जहां वह पूजा-पाठ करते हैं। वह लोग के हाथों में रक्षा सूत्र बांधते हैं। इसके बदले उन्हें दान दक्षिणा प्राप्त होती है। बहने भी अपने भाई के हाथ में राखी बांधती है। अपने भाइयों से अपनी मर्यादा की रक्षा का वचन प्राप्त करती है। इसी को रक्षाबंधन कहते हैं। 

इतिहास : रक्षाबंधन बहुत ही पुराना त्यौहार है। कहते हैं, पुराने समय में जब सैनिक युद्ध में जाते थे तब उनकी बहनें उनकी तिलक करती और राखी बांधी थी। राखी बांधकर वे मन ही मन कहती, यह राखी मेरे भाई को सब संकटों से बचाए। राखी बनवा कर बँधवाकर सैनिक अपने देश की और मां बहनों की रक्षा का प्रण करते थे। एक बार चित्तौड़ पर एक पड़ोसी राजा ने चढ़ाई की। चित्तौड़ की महारानी कर्मावती अकेली उनका मुकाबला ना कर सके। उसने दिल्ली के बादशाह हुमायूं को राखी भेजकर सहायता के लिए बुलाया। राखी मिलते ही हुमायूं सब काम छोड़कर अपनी बहन कर्मावती की सहायता के लिए चल पड़ा। 

वर्णन : रक्षाबंधन भाई बहन का खेल मेल का पर्व है। प्रत्येक हिंदू घर में बहन भाई के हाथ में राखी बांधी है। भाई उसे उपहार देती है। कहीं-कहीं ब्राह्मण अपने यजमान को राखी बांधते हैं और दक्षिणा लेते हैं। दक्षिण भारत में स्त्रियां अपने भाइयों के अलावा पति को भी राखी बांधकर स्नेह बंधन को मजबूत करती है। 

उपसंहार : हमें प्रेम और श्रद्धा के साथ इस पर्व का उल्लास पूर्वक मनाना चाहिए। 

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