सरस्वती पूजा पर निबंध (300 & 500 words) – Essay on Saraswati Puja in Hindi

सरस्वती पूजा पर बहुत सुन्दर और प्यारा निबंध । इस से अच्छा सरस्वती पूजा पर निबंध आपको कही नहीं मिलेंगे। Essay on Saraswati Puja in Hindi (Simple and Attractive). आज हम सरस्वती पूजा पर एक प्यारा और आकर्षक निबंध लिखेंगे। हम उम्मीद करते है की सरस्वती पूजा पर निबंध आपको पसंद आये।

सरस्वती पूजा पर निबंध – Essay on Saraswati Puja in Hindi

परिचय : सरस्वती विधा और संगीत की देवी है। इसलिए यह पूजा विधार्थियों तथा कलाकारों द्वारा बड़े उत्साह से मनाई जाती है। दुर्गा पूजा के बाद पश्चिम बंगाल में सरस्वती पूजा का स्थान आता है जो सबसे अधिक धूम-धाम से मनाया जाता है। 

 

वर्णन : सरस्वती देवी श्वेत वस्त्र धारण कर सफेद हंस पर बैठती है। उनके एक हाथ में वीणा और दूसरे हाथ में पुस्तक रहती है। पुस्तक विधा और वाणी संगीत का प्रतीक है। प्रधानता यह विधार्थियों का त्यौहार है। सभी शिक्षण संस्थाओं में सरस्वती पूजा के दिन विभिन्न प्रकार के सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है। इन कार्यक्रमों में विधार्थियों उमंग के साथ भाग लेकर आयोजन को सफल बनाते हैं। 

समय : सरस्वती पूजा माघ की शुक्ल पंचमी को मनाई जाती है। इसी पूजा का दूसरा नाम है श्री पंचमी या वसंत पंचमी भी है। 

पूजा की तैयारी : कई दिन पहले ही विधार्थियों पूजा की तैयारी में लग जाते हैं। चंदा उठाते हैं एवं उससे प्रतिमा खरीदकर उसे सजाते हैं। पूजा का दिन तरह-तरह के पोशाके पहनते हैं। कलम-दावात, पुस्तक सरस्वती देवी के चरणों में रखे जाते हैं। 

पूजा का वर्णन : पूजा का स्थान फूल और पत्तियों से सजाया जाता है। यथा समय पुरोहित पूजा पर बैठते हैं। पूजा समाप्त होने पर प्रसाद वितरित किया जाता है। सभी विधार्थी अबीर का टीका लगाते हैं। विधार्थियों के आनंद का ठिकाना नहीं रहता है। 

विसर्जन : दूसरे दिन प्रतिमा जुलूस के साथ नदी या तालाब में सावधानीपूर्वक विसर्जित कर दी जाती है। इसमें विधार्थीगण बड़े उत्साह से भाग लेते हैं। 

उपसंहार : सरस्वती पूजा विधार्थियों का पर्व है। सरस्वती देवी विधा की  देवी मानी जाती है। इस पूजा के द्वारा विधार्थी मिल-जुल कर काम करना सीखते हैं। इससे उनमें पढ़ने लिखने की रुचि उत्पन्न होती है। 

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